'एक शे'र अर्ज़ किया है' साप्ताहिक ऑनलाइन कार्यक्रम में हर हफ़्ते दिए गए दो मिसरों से बुनी गई गिरह, यही इस ब्लॉग की पहचान है। यह मंच शब्दों के उस सफ़र का दस्तावेज़ है जहाँ एहसास और रचनात्मकता मिलकर नई शायरी गढ़ते हैं। इस ब्लॉग का उद्देश्य रचनात्मक अभिव्यक्ति को साझा करना और शायरी प्रेमियों तक पहुँचना है।
रविवार, 28 सितंबर 2025
288 वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 27 सितंबर, 2025
रविवार, 14 सितंबर 2025
287 वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 20 सितंबर, 2025
286वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 13 सितंबर, 2025
286वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 13 सितंबर, 2025
एक शे'र अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित #डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का 286 वाँ तरही मुशायरा कार्यक्रम।
आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:
571 वाँ मिसरा: ‘ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं'
~ जॉन एलिया
572 वाँ मिसरा: 'हर कहानी मिरी कहानी है'
~ फ़िराक़ गोरखपुरी
*****^*****
जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;
571 वें मिसरे: 'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
सच की लड़ाई मैं लड़ा तो साथ कोई भी न था
'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' l
मनोज 'अबोध' , भारत
ये हौसला है इश्क़ से ताक़त है इश्क़ की ग़ज़ब
'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' l
प्रेम बिहारी मिश्र, भारत
मेरी ही ख़्वाहिशें थीं औ मेरा जुनूं था इसलिए
'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं’ |
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
हर चोट सह ली ज़िस्म पे शायद उन्हें भी दर्द हो
'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' l
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
हमने वफ़ा की राह में सब कुछ लुटा दिया था जो
'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं।’ |
~ अकबर शाद 'उदयपुरी', भारत
जलने से इश्क़ में कभी परवाना वो नहीं डरा
'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' l
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत
था इश्क़ का सुरूर मेरे सिर पे ऐसे चढ़ गया
‘ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं’। 1 l
~ रेणु हुसैन, भारत
सर पर कफ़न को बाँध कर जब चल दिए थे नौजवाँ
'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं’ l 2 l
~ रेणु हुसैन, भारत
बेसुध पड़े हुए हैं वो दुनिया जहां से बेख़बर
'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' |
~ सज्जाद अख़्तर, भारत
छोड़ी किसी के वास्ते इस ज़िंदगी की हर ख़ुशी
'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' l
~रूबी मोहंती, भारत
समझा न बात की कोई संजीदगी ये दिल कभी,
‘ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं’ l
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क
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572 वें मिसरे: 'हर कहानी मिरी कहानी है'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
रो रहा कर के इश्क़ हर कोई,
'हर कहानी मिरी कहानी है' ।
~दिगंबर नासवा, मलेशिया
दर्द ही ज़िंदगी रवानी है,
हर कहानी मिरी कहानी है।
~ अकबर शाद 'उदयपुरी', भारत
हर कहानी में ख़ूब रोती हूँ
'हर कहानी मेरी कहानी है' ।
~ प्रज्ञा त्रिवेदी, भारत
क्या सुनाऊं मैं दास्तॉं तुमको
हर कहानी मिरी कहानी है।
के पी सक्सेना, भारत
सारे क़िरदार मेरे अपने हैं
'हर कहानी मेरी कहानी है' ।
~ मनोज अबोध, भारत
प्यार में जिसका भी है दिल टूटा,
'हर कहानी मेरी कहानी है' ।
~ अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत
ज़ख़्म,आँसू कि दर्द कह लो तुम
हर कहानी मिरी कहानी है
~ रेणु हुसैन, भारत
हर फ़साना मेरा फ़साना था,
'हर कहानी मेरी कहानी है' ।
सज्जाद अख़्तर, भारत
रंग-आमेज़ जो मोहब्बत से,
'हर कहानी मिरी कहानी है।
~ अशोक सिंह , न्यूयॉर्क
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इस कार्यक्रम का यू-ट्यूब वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए
https://youtu.be/X1px6vRa51g?si=gh6EootIwH4DwmMP
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संपादक
~ कौसर भुट्टो, दुबई
सोमवार, 8 सितंबर 2025
285वाँ एक शे’र गिरह-नामा:.06 सितंबर, 2025
285वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 06 सितंबर, 2025
एक शे'र अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित #डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का 285वाँ तरही मुशायरा कार्यक्रम।
आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:
569वाँ मिसरा: ‘ये कोई तरीक़ा है कहा और किया और’
- ज़हीर देहलवी
570वाँ मिसरा: ‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गए’
~ विकल साकेती
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जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;
569 वें मिसरे:
‘ये कोई तरीक़ा है कहा और किया और
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
दिखला के हसीं ख्वाब मुकर जाते हो कैसे
‘ये कोई तरीक़ा है कहा और किया और’ |
~ ममता किरण, भारत
बस्ती को बना दूंगा मैं जन्नत ये कहा था
‘ये कोई तरीका है कहा और किया और’ |
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
की उसने मुरव्वत भी दिल्लगी की तरह ही
‘ये कोई तरीका है कहा और किया और’ |
~रमणी थापर, कैलिफ़ोर्निया
करनी जो फ़क़ीरी ही थी क्यों इश्क़ लड़ाया
‘ये कोई तरीक़ा है कहा और किया और’ |
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
देवी है ये कह ब्याह में चंडी ही थमा दी
‘ये कोई तरीक़ा है कहा और किया और’ |
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत
हमने तेरी बातों को ही समझा है लकीरें
‘ये कोई तरीक़ा है कहा और किया और’।
~ रेणु हुसैन, भारत
कुछ क़ौल-ओ-क़सम की भी तो वक़’अत रखी होती,
‘ये कोई तरीक़ा है कहा और किया और’।
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क
देखा है सियासत में हर इक बार ये मंज़र,
‘ये कोई तरीका है कहा और किया और’ |
~ कौसर भुट्टो, दुबई
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570 वें मिसरे: ‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गए’
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
उड़ रहे थे गगन में हवाओं के साथ
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गये’ |
प्रेम बिहारी मिश्र, भारत
वो जो शोले बरसते रहे रोज़ ही,
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गये’ |
~ अकबर शाद 'उदयपुरी', भारत
जो हवा में ही हरदम यूँ उड़ते रहे,
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गये’ |
~ अकबर शाद 'उदयपुरी', भारत
आग बरसाते थे जब थे कुर्सी पे वो
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गये’ |1|
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
दर्द बरसों के दिल में जमा जो रहे
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गये’ |2|
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
दुःख के बादल उड़ा आसमां में दिये
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गये’।
~ ममता किरण, भारत
थे निगहबां जो बादल मेरे अश्क़ के
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गए’ |
~ प्रज्ञा त्रिवेदी, भारत
साथ दल-बल के बादल चले झूम कर
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गये’ |
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
ठोस बनते थे थोड़ा तरल हो गए
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गए’ |
~ सज्जाद अख्तर ,भारत
जो गरज कर डराते रहे रात-भर
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गए’ |
~ मनोज अबोध, भारत
सजे थे बन के मोती ज़ुल्फ़ों में जो
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गए’ |
~रमणी थापर, कैलिफ़ोर्निया
उनके ओलों के मानिंद तेवर भी तो
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गये’ |
~ अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत
ख़्वाब थे आसमाँ पर ही अच्छे बहुत
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गये’ |
~ रेणु हुसैन, भारत
रंग-ए-गर्दिश थे बर्क़-ए-तजल्ली थे जो,
‘आज धरती पे उतरे तो जल हो गये’ |
~ अशोक सिंह , न्यूयॉर्क
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©️सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पोस्ट में साझा किए गए सभी गिरह के शे'र 'एक शे'र अर्ज़ किया है' पटल पर शामिल शायरों के हैं। इनमें से कोई भी शे'र शायर की लिखित पूर्व सहमति के बग़ैर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
संपादक
~ कौसर भुट्टो, दुबई
319 वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 2 मई , 2026
319 वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 2 मई , 2026 एक शे'र अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित #डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का 319 वा...
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