एक शे'र अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित #डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का 309 वाँ तरही मुशायरा कार्यक्रम।
आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:
617 वाँ मिसरा: ''ख़ुदा का नाम लेते मर गया है'।
~ अंजुम लुधियानवी
618 वाँ मिसरा: 'तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं'।
~ सागर सिद्दीकी
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जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;
617 वें मिसरे: 'ख़ुदा का नाम लेते मर गया है'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
ख़ुदा आया न उसके पास आख़िर
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
~ममता 'किरण' भारत
कहाँ है फ़िक्र उसे अपने बशर की
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
सवालों में है ख़ुद कुदरत की सत्ता
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
रहा महरूम सिजदे में भी रह कर
'ख़ुदा का नाम लेते मर गया है'l
~डा आदेश त्यागी, भारत
ख़ुदा से बेख़बर ताउम्र था जो
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
है भीतर जानता था ख़ुद के फिर भी
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत
मेरे अन्दर छुपा शैतान था जो
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
~मधु शर्मा, न्यू यॉर्क
निगाहें उसकी तो दर पर लगीं थीं
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
~रेनू हुसैन, भारत
नसीबों से हुआ ये फ़ख़्र हासिल
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
~मनोज 'अबोध', भारत
किसी की आख़िरी आवाज़ थी बस,
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’। 1 l
~अकबर 'शाद' उदयपुरी, भारत
महल में जश्न चलता रह गया था,
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’। 2 l
~अकबर 'शाद' उदयपुरी, भारत
उसे कब था यकीं सुन लेगा सचमुच
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
के पी सक्सेना, भारत
न थी मंज़ूर रुसवाई किसी की
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
सज्जाद अख्तर भारत
दमकते शहर की ज़ीनत वही था,
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’। 1 l
संजीव दुआ भारत
सिसकती ज़िन्दगी की राह में वो
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’। 2 l
संजीव दुआ भारत
दबाए आरज़ू सीने में अपने
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’। 3 l
संजीव दुआ भारत
इबादत की नहीं डाली थी आदत,
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
सुषमा मल्होत्रा न्यू जर्सी
मुबारक होगी जन्नत ही उसे जो,
‘ख़ुदा का नाम लेते मर गया है’।
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क
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618 वें मिसरे: 'तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
जानती है ये पुलिस भी कि नराधम है तू
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’। 1 l
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत
बाँध दी जाएगी मासूम कली इक तुझसे
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’। 2 l
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत
मेरे हालात ने हर ख़्वाब कुचल डाला है,
'तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं'।
~अकबर 'शाद' उदयपुरी, भारत
एक परदा है ,मना शुक्र,तेरे दागों पर,
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’।
~अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत
ये मना शुक्र कि तू जेल से बाहर घूमे
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’। 1 l
~लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
इक हॅंसी देर से आने का मिटा दे गुस्सा
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’। 2 l
~लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
जानते सब हैं मगर कौन लगे मुंह तेरे
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’।
~के पी सक्सेना, भारत
हमको मालूम है ऐ दोस्त हक़ीक़त सारी
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’।
~मनोज 'अबोध', भारत
तू है अपराधी मगर तुझको मिली है कुर्सी
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’।
~ममता किरण, भारत
उँगलियाँ उठती रहीं मेरी शराफ़त पर ही,
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’।
~प्रेम बिहारी मिश्रा, भारत
शुक्र कर रब का मेहरबान रहे बस तुझ पर
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’। 1 l
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
शुक्र कर मुफ्त में भर भर के मिली है तुझ को
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’। 2 l
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
ख़ूब मालूम है सबको तेरा असली चेहरा
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’।
~रेनू हुसैन, भारत
मेरी हर बात में सौ नुस्ख निकाले तूने
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’। 1 l
~मधु शर्मा, न्यू यॉर्क
मेरे हर दोष से वाक़िफ़ है ज़माना सारा
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’। 2 l
~मधु शर्मा, न्यू यॉर्क
कोई मतलब ही नहीं अब है ऐब-जूई का,
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’। 1 l
*ऐब-जूई=दोष ढूँढना
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क
हुस्न ने जैसे छुपा रक्खे बला के तेवर,
‘तेरी दौलत ने तेरे ऐब छुपा रक्खे हैं’। 2 l
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क
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संपादक
~ कौसर भुट्टो, दुबई