एक शे'र अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित #डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का 306 वाँ तरही मुशायरा कार्यक्रम।
आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:
611 वाँ मिसरा: 'ये जुर्म है तो फिर इस जुर्म की सज़ा रखना'।
~ ज़फ़र इक़बाल
612 वाँ मिसरा: 'चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़' ।
~ वरुण आनंद
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जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;
611 वें मिसरे: 'ये जुर्म है तो फिर इस जुर्म की सज़ा रखना'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
तुम्हीं से प्यार किया जब भी कुछ किया हमने
'ये जुर्म है तो फिर इस जुर्म की सज़ा रखना' l
~अकबर 'शाद' उदयपुरी, भारत
मैं मुफलिसी में भी जीने का शौक रखता हूं
'ये जुर्म है तो फिर इस जुर्म की सज़ा रखना' ।
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
कभी न झूठ को सच कह सकूंगा कुछ कर लो
'ये जुर्म है तो फिर इस जुर्म की सज़ा रखना' ।
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
भुला न पाया तुम्हें कर के तुम से वादा भी
'ये जुर्म है तो फिर इस जुर्म की सज़ा रखना' ।
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
सिवा तेरे कोई साथी कभी जँचा ही नहीं
'ये जुर्म है तो फिर इस जुर्म की सज़ा रखना'।
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत
चले जो आए हो बे-पर्दा लोग देखेंगे
'ये जुर्म है तो फिर इस जुर्म की सज़ा रखना' ।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
मैं तोड़ बेड़ियां निकली हूं आसमॉं छूने,
'ये जुर्म है तो फिर इस जुर्म की सज़ा रखना'।
~ममता 'किरण' भारत
ख़ता यही है कि उससे नज़र मिलाई है ,
'ये जुर्म है तो फिर इस जुर्म की सज़ा रखना' ।
~रेनू हुसैन भारत
सनम को चाहना बढ़ कर ख़ुदा की क़ुदरत से,
‘ये जुर्म है तो फिर इस जुर्म की सज़ा रखना’।
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क
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612 वें मिसरे: 'चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़' ।
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
मुद्दत से बीमार पड़ा हूँ कोई उसको बुलवाए
'चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़’।
~प्रेम बिहारी मिश्रा, भारत
मुस्काकर उसका मेरे होठों पर उँगली रख देना,
'चारा साज़ी एक तरफ है उसका छूना एक तरफ' ।
~अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत
उसको छू कर मुझे छुआ झोंके ने मुझको फ़र्क़ लगा
'चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़' ।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
हट जाओ सब चारागर अब उनकी आमद होनी है
'चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़' ।
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत
हार गए सब वैद-नजूमी, एक उसी से आशा है
'चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़' ।
~मनोज 'अबोध', भारत
जाने कैसा रोग लगा है जब से देखा है उसको!
'चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़' ।
~के पी सक्सेना , भारत
उसकी सेवा करते रहना मुझको अच्छा लगता है
'चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़' ।
~रेनू हुसैन, भारत
वो आ जाये तो पक्का मैं, मरते-मरते जी जाऊँ,
'चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़' ।
~रूबी मोहंती, भारत
जादू है उसके हाथों में, मॉं को बुलवा दे कोई
'चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़' ।
~ममता किरण भारत
ज़ख़्म-ए-ला-दवा मिले जहॉं से शिफ़ा उन्हीं हाथों में है,
'चारा-साज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़’।
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क
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इस कार्यक्रम का यू-ट्यूब वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करिये:
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संपादक
~ कौसर भुट्टो, दुबई
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