रविवार, 14 सितंबर 2025

286वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 13 सितंबर, 2025

 

286वाँ एक शेर गिरह-नामा: 13 सितंबर, 2025

एक‌ शे'र‌ अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित #डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का 286 वाँ तरही मुशायरा कार्यक्रम।

आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:

571 वाँ मिसरा: ‘ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं'

~ जॉन एलिया

572 वाँ मिसरा: 'हर कहानी मिरी कहानी है'

~ फ़िराक़ गोरखपुरी

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जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;

571 वें मिसरे:  'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं'

पर 'एक शे'र अर्ज़ किया हैके शायरों की लगाई गईं गिरह:


सच की लड़ाई मैं लड़ा तो साथ कोई भी न था

'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' l

मनोज 'अबोध' , भारत


ये हौसला है इश्क़ से ताक़त है इश्क़ की ग़ज़ब 

'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' l

प्रेम बिहारी मिश्र, भारत


मेरी ही ख़्वाहिशें थीं औ मेरा जुनूं था इसलिए 

'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं’ |

लक्ष्मी शंकर बाजपेईभारत


हर चोट सह ली ज़िस्म पे शायद उन्हें भी दर्द हो 

'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' l

~ दिगंबर नासवामलेशिया


हमने वफ़ा की राह में सब कुछ लुटा दिया था जो

'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं।’ |

~ अकबर शाद 'उदयपुरी', भारत


जलने से  इश्क़ में कभी परवाना वो नहीं डरा

'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' l

~ प्रज्ञा त्रिवेदी भारत

 

था इश्क़ का सुरूर मेरे सिर पे ऐसे चढ़ गया 

‘ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं’। 1 l

~ रेणु हुसैन, भारत


सर पर कफ़न को बाँध कर जब चल दिए थे नौजवाँ 

'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं’ l 2 l

रेणु हुसैनभारत


बेसुध पड़े हुए हैं वो दुनिया जहां से बेख़बर

'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' |

~ सज्जाद अख़्तर, भारत 


छोड़ी किसी के वास्ते इस ज़िंदगी की हर ख़ुशी 

'ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं' l

~रूबी मोहंती, भारत


समझा न बात की कोई संजीदगी ये दिल कभी, 

‘ख़ुद को तबाह कर लिया और कुछ मलाल भी नहीं’ l

~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क


**☀️****


572 वें मिसरे: 'हर कहानी मिरी कहानी है'

पर 'एक शे'र अर्ज़ किया हैके शायरों की लगाई गईं गिरह:


रो रहा कर के इश्क़ हर कोई,

 'हर कहानी मिरी कहानी है' ।

~दिगंबर नासवा, मलेशिया


दर्द ही ज़िंदगी रवानी है,

हर कहानी मिरी कहानी है।

अकबर शाद 'उदयपुरी', भारत


हर कहानी में ख़ूब रोती हूँ

'हर कहानी मेरी कहानी है' ।

प्रज्ञा त्रिवेदीभारत


क्या सुनाऊं मैं दास्तॉं तुमको

 हर कहानी मिरी कहानी है।

के पी सक्सेना, भारत 


सारे क़िरदार मेरे अपने हैं

'हर कहानी मेरी कहानी है' ।

~ मनोज अबोधभारत

 

प्यार में जिसका भी है दिल टूटा,

'हर कहानी मेरी कहानी है' ।

~ अनमोल प्रकाश शुक्ला,  भारत 


ज़ख़्म,आँसू कि दर्द कह लो तुम 

हर कहानी मिरी कहानी है

रेणु हुसैन, भारत


हर फ़साना मेरा फ़साना था,

 'हर कहानी मेरी कहानी है' ।

सज्जाद अख़्तर, भारत


रंग-आमेज़ जो मोहब्बत से, 

'हर कहानी मिरी कहानी है।

~ अशोक सिंह न्यूयॉर्क


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इस कार्यक्रम का यू-ट्यूब वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए 

https://youtu.be/X1px6vRa51g?si=gh6EootIwH4DwmMP

©️सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पोस्ट में साझा किए गए सभी गिरह के शे'र 'एक शे'र अर्ज़ किया हैपटल पर शामिल शायरों के हैं। इनमें से कोई भी शे'र शायर की लिखित पूर्व सहमति के बग़ैर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

संपादक

~ कौसर भुट्टो, दुबई


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