गुरुवार, 25 दिसंबर 2025

300 वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 20 दिसंबर , 2025

300 वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 20 दिसंबर , 2025

एक‌ शे'र‌ अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित #डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का 300 वाँ तरही मुशायरा कार्यक्रम।

 आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:

599 वाँ मिसरा: "अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला"।
 ~ मुस्तफ़ा ज़ैदी

600 वाँ मिसरा: ''कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले''। 
~ मंज़र भोपाली

                                 *****^*****

 जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;

599 वें मिसरे: 'अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला'

पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:


परिवार दोस्त रिश्ते सभी यूं तो थे मगर,
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~लक्ष्मी शंकर वाजपेई, भारत ।


तन्हाइयों का दर्द सभी को मिला था पर,
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~दिगंबर नसवा, मलेशिया ।


मैं ख़ुद भी अपने साथ नहीं हूँ,कमाल है!
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।


हर इक को था भरम कि अकेला है वो मगर
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।1।
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत


हैं वर्चुअल तो दोस्त सभी के हज़ार पर
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’। 2।
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत


एक भीड़ सी आती है नज़र यूँ तो आस पास ,
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~रेखा मैत्रा

है सबसे ज़ुदा अपनी तबीयत तो क्या कहें 
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~रमणी थापर, कैलिफोर्निया 


हर कोई अपने-अपने ख़ाबों के साथ था 
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~रूबी मोहंती, भारत 


कोई न कोई पास हर इक के मिला मुझे,
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~अनमोल शुक्ल ' अनमोल' , भारत


तन्हा मिले हैं यूं तो कई लोग भीड़ में 
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~सज्जाद अख्तर, भारत


जिसको भी देखिए वही दो-दो के साथ है 
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला'।
~मनोज 'अबोध', भारत


कहने को तो सभी ने सुनाई थी दास्तां
'अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~के.पी. सक्सेना, भारत


जो भी मिला, मिला है मिलावट के साथ ही
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~प्रेम बिहारी मिश्रा, भारत


चल तो रहे थे लोग सभी मेरे साथ पर
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।1।
~रेनू हुसैन भारत


मैं जिस तरह से भीड़ में भी हो गई तन्हा
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।2।
`रेनू हुसैन भारत


रूठे अगरचे एक, मना लेगा दूसरा,
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~पूनम माटिया,


तनहाइयाँ तो साथ में सबके ही थीं मगर, 
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’ ।
~डॉ० भावना कुँअर, ऑस्ट्रेलिया 


औरों के साथ उनकी ही परछाई तो रही 
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~प्रगीत कुँअर ,ऑस्ट्रेलिया


लाए थे साथ कुछ तो शगूफ़े सभी कोई,  
‘अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला’।
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क 


*✨*☀️**✨**


 600 वें मिसरे: 'कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले' 

 पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:


आपको आपसे ही चुरा लूँ न क्यों,
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत


बन के धड़कन हृदय की में बजता रहूँ ,
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया


अपने नग्मों मे मै आपको बुन तो दूँ,
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।
~अनमोल शुक्ल ' अनमोल' , भारत


आपके ग़म लगा लें कलेजे से हम,
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।
~ सज्जाद अख्तर ,भारत 


दूर जाने को मजबूर हूं आपसे 
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।1।
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत


कोर्ट मैरिज की अर्जी तो कल दे दूं मैं 
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।2।
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत


चाहे जब हम तो मर कर भी देंगे दिखा।
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।
~के पी सक्सेना, भारत


यूँ तो मेरे इरादे बड़े नेक हैं,
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।
~खुर्रम 'नूर', भारत


आपका नाम मैं ज़िदगी ये लिखूं,
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।1।
~प्रेम बिहारी मिश्रा, भारत


ज़िन्दगी मैं हवाले करूं आपके,
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।2।
~प्रेम बिहारी मिश्रा, भारत


मैं कसीदे सदा आपके ही पढूं,
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।3।
~प्रेम बिहारी मिश्रा, भारत


ग़म हरिक आपका नाम अपने करूं
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।4।
~प्रेम बिहारी मिश्रा, भारत


हम भी शामिल कहानी में हो जाएंगे,
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।
~कौसर भुट्टो, दुबई


हम बनायेंगे मिल ख़्वाब का इक महल
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’ ।
~डॉ० भावना कुँअर, ऑस्ट्रेलिया 


आँखों-आँखों में हम बात कर लें अभी 
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।
~प्रगीत कुँअर, ऑस्ट्रेलिया


कर दूँ इज़हार दिल की ख़लिश तो हो कम, 
‘कुछ इजाज़त मगर आपकी तो मिले’।
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क 


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इस कार्यक्रम का यू-ट्यूब वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करिये:


©️सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पोस्ट में साझा किए गए सभी गिरह के शे'र 'एक शे'र अर्ज़ किया है' पटल पर शामिल शायरों के हैं। इनमें से कोई भी शे'र शायर की लिखित पूर्व सहमति के बग़ैर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

संपादक

~ कौसर भुट्टो, दुबई


 


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