रविवार, 11 जनवरी 2026

301 वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 27 दिसंबर , 2025

301 वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 27 दिसंबर , 2025

एक‌ शे'र‌ अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित #डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का 301 वाँ तरही मुशायरा कार्यक्रम।

 आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:

601 वाँ मिसरा: "अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है"।
~खुशबीर सिंह 'शाद


602 वाँ मिसरा: ''सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है'। ~ शमीम अनवर

                                 *****^*****

 जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;

601 वें मिसरे: 'अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है'

पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:


शजर के साथ अभी तक वजूद है इसका 
'अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है'।
~सज्जाद अख्तर, भारत


मनाएं जश्न इसी बात का न क्यों आख़िर!
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’। 1 l
~के.पी. सक्सेना, भारत


इसी ही बात पे उसको सुकून है कितना!
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’। 2 l
~के.पी. सक्सेना, भारत


हुआ जो ज़र्द तो ख़ुद शाख इसे गिरा देगी 
'अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है' । 1।
~लक्ष्मी शंकर वाजपेई, भारत ।


पड़ेगा छोड़ना इक दिन बगीचा दुनिया का 
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।2।
~लक्ष्मी शंकर वाजपेई, भारत ।


कभी तो छोड़ के नैहर ये ,जायेगी बेटी
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत


तमाम भीड़ में खो जाना डर का हिस्सा है।
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।1।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।


अभी कहाँ है अलग कोई शख़्सियत इसकी?
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।2।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।


रही न कोई भी पहचान आज तक इस की,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।3।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।


न कुछ बिगाड़ सकेंगी ये आँधियाँ इसका,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।4।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।


ये जब मिलेगा अकेला तो इस को देखेंगे,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।5।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।


ये क्या रहेगा अलग होके देखते रहिए-
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।6।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।


लगा है कबसे इसे तोड़ने में वो लेकिन
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
~दिगंबर नसवा, मलेशिया ।


न जाने कब किसी आँगन में जा के गिर जाए,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
रमणी थापर, कैलिफोर्निया ।


अभी तलक तो है इसका वजूद दुनिया में,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
~मनोज 'अबोध', भारत


अभी तो फूल भी उगाएगी वही डाली,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
~अनमोल शुक्ल ' अनमोल' , भारत


हवा के झॉंसे में आ जाए ये न जाने कब,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क 


*✨*☀️**✨**


 602 वें मिसरे: 'सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है'

 पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:


न गीली आंखें बनें अपने प्यार की मंज़िल 
'सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है' ।
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत


गिरे तो हाथ बढ़ाने न आयेगा कोई 
'सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है' ।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया


ज़रा सी आग की दरकार है मुहब्बत में
'सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है' ।
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत


ये लड़खड़ाहटें अपनी हैं बस इसी बाइस,
'सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है' ।
~ सज्जाद अख्तर ,भारत 


अभी भी वक़्त है पाँओं फ़िसलना चाहें तो, 
‘सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है’।
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क 


****^*****


इस कार्यक्रम का यू-ट्यूब वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करिये:


©️सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पोस्ट में साझा किए गए सभी गिरह के शे'र 'एक शे'र अर्ज़ किया है' पटल पर शामिल शायरों के हैं। इनमें से कोई भी शे'र शायर की लिखित पूर्व सहमति के बग़ैर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

संपादक

~ कौसर भुट्टो, दुबई


 


1 टिप्पणी:

319 वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 2 मई , 2026

319 वाँ एक शे’र गिरह-नामा: 2 मई , 2026 एक‌ शे'र‌ अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित #डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का  319 वा...