एक शे'र अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित #डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का 301 वाँ तरही मुशायरा कार्यक्रम।
आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:
601 वाँ मिसरा: "अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है"।
~खुशबीर सिंह 'शाद
602 वाँ मिसरा: ''सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है'। ~ शमीम अनवर
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जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;
601 वें मिसरे: 'अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
शजर के साथ अभी तक वजूद है इसका
'अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है'।
~सज्जाद अख्तर, भारत
मनाएं जश्न इसी बात का न क्यों आख़िर!
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’। 1 l
~के.पी. सक्सेना, भारत
इसी ही बात पे उसको सुकून है कितना!
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’। 2 l
~के.पी. सक्सेना, भारत
हुआ जो ज़र्द तो ख़ुद शाख इसे गिरा देगी
'अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है' । 1।
~लक्ष्मी शंकर वाजपेई, भारत ।
पड़ेगा छोड़ना इक दिन बगीचा दुनिया का
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।2।
~लक्ष्मी शंकर वाजपेई, भारत ।
कभी तो छोड़ के नैहर ये ,जायेगी बेटी
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत
तमाम भीड़ में खो जाना डर का हिस्सा है।
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।1।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।
अभी कहाँ है अलग कोई शख़्सियत इसकी?
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।2।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।
रही न कोई भी पहचान आज तक इस की,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।3।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।
न कुछ बिगाड़ सकेंगी ये आँधियाँ इसका,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।4।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।
ये जब मिलेगा अकेला तो इस को देखेंगे,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।5।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।
ये क्या रहेगा अलग होके देखते रहिए-
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।6।
~खुर्रम 'नूर', भारत ।
लगा है कबसे इसे तोड़ने में वो लेकिन
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
~दिगंबर नसवा, मलेशिया ।
न जाने कब किसी आँगन में जा के गिर जाए,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
रमणी थापर, कैलिफोर्निया ।
अभी तलक तो है इसका वजूद दुनिया में,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
~मनोज 'अबोध', भारत
अभी तो फूल भी उगाएगी वही डाली,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
~अनमोल शुक्ल ' अनमोल' , भारत
हवा के झॉंसे में आ जाए ये न जाने कब,
‘अभी तलक तो ये पत्ता शजर का हिस्सा है’।
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क
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602 वें मिसरे: 'सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
न गीली आंखें बनें अपने प्यार की मंज़िल
'सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है' ।
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
गिरे तो हाथ बढ़ाने न आयेगा कोई
'सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है' ।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
ज़रा सी आग की दरकार है मुहब्बत में
'सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है' ।
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत
ये लड़खड़ाहटें अपनी हैं बस इसी बाइस,
'सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है' ।
~ सज्जाद अख्तर ,भारत
अभी भी वक़्त है पाँओं फ़िसलना चाहें तो,
‘सफ़र हमारा अभी गीली रहगुज़र पर है’।
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क
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संपादक
~ कौसर भुट्टो, दुबई
क्या बात … बहुत खूबसूरत कलेक्शन - दिगम्बर
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