एक शे'र अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित #डिजिटल_वीडियो_गोष्ठी का 311 वाँ तरही मुशायरा कार्यक्रम।
आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:
621 वाँ मिसरा: 'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~ अशोक रावत
622 वाँ मिसरा: 'उसने हर बार हँस के टाल दिया' ।
~ रहमान रब्बानी
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जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;
621 वें मिसरे: 'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
ज़िन्दगी भर दूसरों के वास्ते जीते रहे
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~ लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
जिनको चिश्मिश ने अभी तक आँख भर देखा नहीं
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
ख़ुद से कुछ करके न खाया उम्र सारी दी बिता
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत
आप कहते हैं सियासत में नहीं अब दाग़दार
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~ममता 'किरण', भारत
अच्छे-अच्छे नामवर गुमनामियों में मर गये
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूँ मैं' ।
`डा आदेश त्यागी, भारत
साथ में रहता है कोई और दिल में और है
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~रमणी थापर, कैलिफोर्निया
पंख आए ही नहीं और दम भरें परवाज़ का
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~प्रेम बिहारी मिश्रा, भारत
घर भरा पूरा हो फिर भी शुक्र वो करते नहीं
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~रेनू हुसैन, भारत
हैं ख़ुदा दिखते मगर भीतर से इंसां भी नहीं
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' । 1 ।
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत
फ़ीस देंगे बाद में, ये कह दिखा दी कुंडली
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' । 2 ।
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत
जो जरा सी बात पर पाला बदल देते यहां
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूँ मैं’।
~के पी सक्सेना, भारत
जो शिखर पा कर भुला दें सीढ़ियों की भूमिका
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~मनोज 'अबोध', भारत
छेद करते हैं उसी थाली में, जिसमें खा रहे
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~रूबी मोहंती, भारत
दूसरों से छीन कर हक़ बन गए हैं जो ख़ुदा,
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~ आलोक अविरल
किरची किरची हो गए पर टूट कर बिखरे नहीं
'नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूं मैं' ।
~सज्जाद अख्तर, भारत
जो बने फिरते हैं अच्छे पर हक़ीक़त में नहीं,
‘नाम ऐसे आपको ढेरों गिना सकता हूँ मैं’।
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क
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622 वें मिसरे: 'उसने हर बार हँस के टाल दिया'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
मैंने जब भी उधार मांगा है
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' । 1 ।
~सज्जाद अख्तर, भारत
जब भी वापस उधार मांगा है
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' । 2 ।
~सज्जाद अख्तर, भारत
जब भी शिकवा किया तगाफुल का
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' । 3 ।
~सज्जाद अख्तर, भारत
जब कहा घर कभी तो आ जाओ
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' । 1 ।
~लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
छोड़ दूं घर पे अपनी गाड़ी से ..!
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' । 2 ।
~लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
जब भी पूछा उदासियों का सबब
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' । 1 ।
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत
सच्ची बत्तीसी है कि है डेन्चर?
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' । 2 ।
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत
जब भी पूछा कि कौन है दिल में,
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' ।
~अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत
जब भी करते हैं गुजारिश, रुक जा!
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' ।
~के पी सक्सेना, भारत
जब भी पूछा, कहीं मिलें हम-तुम
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' ।
~डाॅ. आदेश त्यागी, भारत
जब भी दिल में ज़रा जगह माँगी
‘उसने हर बार हँस के टाल दिया’।
~प्रेम बिहारी मिश्रा, भारत
मैंने जब भी कहा कि कर लो ब्याह
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' ।
~ममता किरण, भारत
प्रेम था फिर भी मेरे तोहफ़े को
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' ।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
ग़म भी उससे तो लाजवाब हुए
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' ।
~रेनू हुसैन, भारत
मौत से जब किया सवाल कभी
'उसने हर बार हँस के टाल दिया' ।
~मनोज 'अबोध', भारत
हाल-चाल उसका जब भी पूछा तो,
‘उसने हर बार हँस के टाल दिया’।
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क
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इस कार्यक्रम का यू-ट्यूब वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करिये:
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संपादक
~ कौसर भुट्टो, दुबई
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