एक शे'र अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित 321 वाँ सप्ताह एक शे’र गिरह-नामा।
आज का गिरह-नामा इन दो मिसरों पर आधारित है:
641 वाँ मिसरा: 'आधी बात का उल्टा मतलब होता है'।
~ इनाम आज़मी'
642 वाँ मिसरा: 'कोई रंग भरने को जी चाहता है'।
~ शकील बदायूनी'
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जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;
641वें मिसरे: 'आधी बात का उल्टा मतलब होता है'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
बेग़म बोलें 'क्या बोले' तो यूँ समझो,
‘आधी बात का उल्टा मतलब होता है’। 1 ।
~अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत
किसने क्या समझा तुमने जो कुछ भी कहा,
‘आधी बात का उल्टा मतलब होता है’। 2 ।
~अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत
कुछ तो खुलकर मेरे आगे बोलो तुम
‘आधी बात का उल्टा मतलब होता है’।
~ अकबर शाद उदयपुरी, भारत
सीधे सीधे पूरी बातें कह दो तुम
‘आधी बात का उल्टा मतलब होता है’।
~ अकबर शाद उदयपुरी, भारत
देखो, तुम यूँ काम न लो कम-लफ़्ज़ी से
'आधी बात का उल्टा मतलब होता है'।
~डाॅ. आदेश त्यागी, भारत
इसीलिए तो बोली है आधी मैंने
‘आधी बात का उल्टा मतलब होता है’।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
क्या जाता गर बात जो पूरी कह जाते!
'आधी बात का उल्टा मतलब होता है’।
~के पी सक्सेना, भारत
पूरी बात बता देते तो अच्छा था
‘आधी बात का उल्टा मतलब होता है’।
~अनिमेष शर्मा, भारत
काश वो करने दे देता बातें पूरी
‘आधी बात का उल्टा मतलब होता है’।
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत
आप क्यों ही करते हैं बातें आधी
‘आधी बात का उल्टा मतलब होता है’।
~रेनू हुसैन, भारत
जो सूनी पड़ी ज़ीस्त की है ये चादर,
‘आधी बात का उल्टा मतलब होता है’।
~ममता 'किरण', भारत
उल्टी बात करो तो आधी ही करना,
‘आधी बात का उल्टा मतलब होता है’। 1 ।
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क
आधी बात समझनी होती है मुश्किल,
‘आधी बात का उल्टा मतलब होता है’। 2 ।
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क
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642 वें मिसरे: 'कोई रंग भरने को जी चाहता है'।
~ शकील बदायूनी
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
बुझी जा रही है मोहब्बत की लौ भी,
‘कोई रंग भरने को जी चाहता है’।
अकबर शाद उदयपुरी, भारत
सफ़ेद ओ सियह उनकी तस्वीर में अब
‘कोई रंग भरने को जी चाहता है’।
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत
वरक़ ज़िन्दगी का है बे-रंग कब से
‘कोई रंग भरने को जी चाहता है’।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
नहीं देखी जाती है वीरानी दिल की
‘कोई रंग भरने को जी चाहता है’।
~लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
मुझे दिल के कोरे से काग़ज़ में अब तो
‘कोई रंग भरने को जी चाहता है’।
~रेनू हुसैन, भारत
हैं बरसों से बे-रंग जीवन का ख़ाका
'कोई रंग भरने को जी चाहता है'।
~डाॅ. आदेश त्यागी, भारत
अभी तक है कोरा मेरे दिल का काग़ज़
'कोई रंग भरने को जी चाहता है'।
~अनिमेष शर्मा 'आतिश'
नहीं देखी जाती बहुत सादगी भी
'कोई रंग भरने को जी चाहता है’।
~के पी सक्सेना, भारत
जो फीकी हुई है ये रिश्तों की रंगत
‘कोई रंग भरने को जी चाहता है’।
~ममता किरण, भारत
वो ग़मगीन सूनी सी आँखों में उसकी,
‘कोई रंग भरने को जी चाहता है’।
~अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत
तेरी श्वेत साड़ी कचोटे है दिल को,
‘कोई रंग भरने को जी चाहता है’।
~खुर्रम नूर भारत
जो गुलबुन को भी गुल की ख़ुशबू से भर दे,
‘कोई रंग भरने को जी चाहता है’। 1 l
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क
सफ़ेद उनकी ज़ुल्फ़ें हुई इस क़दर हैं,
‘कोई रंग भरने को जी चाहता है’। 2 l
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क
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इस कार्यक्रम का यू-ट्यूब वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करिये:
©️सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पोस्ट में साझा किए गए सभी गिरह के शे'र 'एक शे'र अर्ज़ किया है' पटल पर शामिल शायरों के हैं। इनमें से कोई भी शे'र शायर की लिखित पूर्व सहमति के बग़ैर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
संपादक
~ कौसर भुट्टो, दुबई
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