सोमवार, 8 जून 2026

324 वाँ सप्ताह एक शे’र गिरह-नामा: 6 जून, 2026

324 वाँ सप्ताह एक शे’र गिरह-नामा: 6 जून, 2026

एक‌ शे'र‌ अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित 324 वाँ साप्ताहिक ब्लॉग ।

 आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:

 647वाँ मिसरा: 'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों                          में शुमार होगा' ।

~ अल्लामा इक़बाल


648 वाँ मिसरा: 'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।

~ जहाँगीर नायाब


                                 *****^*****

 जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;

647 वें मिसरे: 'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों                          में शुमार होगा'  

पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:


चमन में खुश्बू लुटा के फूलों पे मुस्कुराता फिरा है कोई
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा' ।
~अकबर शाद उदयपुरी, भारत 


दिवाना आशिक़ सुलगते दिल का धुआँ उड़ाता फिरे है हर सू  
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिलजलों में शुमार होगा'l
~डाॅ. आदेश त्यागी, भारत


ये रोज़ टँकी से कूदने की मुझे ही धमकी जो दे रहा है 
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा' ।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया


पलट पलट कर वो देखे मुझको जुदाई का ग़म नज़र में भर के
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा' ।
~प्रेम बिहारी मिश्रा, भारत


जो मेरे दिल को जला रहा है नज़र से खंजर चला रहा है
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिलजलों में शुमार होगा' ।
~अनिमेष शर्मा भारत


बता रहा है ज़माने भर को वो इश्क़े नाकाम की कहानी,
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा' ।
~खुर्रम नूर, भारत


लहू से तस्वीर-ए-ग़म बनाकर दिखा रहा है वो जो सभी को 
‘ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा’।
~डॉ० भावना कुँअर, ऑस्ट्रेलिया


गली गली में सुना रहा है वो दास्तान-ए-जुदाई अपनी,
‘ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा’। 
~कौसर भुट्टो,  दुबई 


झुकाया ता’अत में सर जहॉं भी दिखा है नक़्श-ए-पा दिलरुबा का, 
‘ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा’। 
*ता’अत=उपासना, इबादत, बंदगी
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क 


*✨*☀️**✨**


 648 वें मिसरे:  'मगर अन्दर से मैं टूटा हुआ हूँ'

पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:


मैं यकजा और कामिल हूँ ब-ज़ाहिर 
'मगर अन्दर से मैं टूटा हुआ हूँ'।
`डा आदेश त्यागी, भारत


बज़ाहिर है बदन मेरा सलामत 
 'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~सज्जाद अख्तर, भारत


सभी को जोड़ के रक्खा है ख़ुद से
 'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत


भले होठों पे मेरे कहकहे हैं,
 'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत 


मानता हूँ नियम जीने के सारे 
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ ' । 1 l
~रेनू हुसैन, भारत 


मुसाफह कर रही हूँ सबसे हँस कर,
'मगर अंदर से मैं टूटी हुई हूं' । 2 l
~रेनू हुसैन, भारत 


दिखेगी हर घड़ी मुस्कान रुख पर,
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~अनिमेष शर्मा भारत


कवच पहना हुआ है कर्ण जैसे 
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया


हैं मेरे बाहरी तेवर तो साबुत,
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ ' ।
~खुर्रम नूर, भारत


अलग ये बात, धड़कन है अभी भी 
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~मनोज 'अबोध', भारत 


मेरी ज़िंदादिली के सब हैं क़ाइल 
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' । 1 l
~लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत


हमेशा फेंकता हूं ऊंची ऊंची 
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' । 2 l
~लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत


भले पत्थर की दिखती हूँ शिला सी 
‘मगर अंदर से मैं टूटी हुई हूँ’।
~डॉ० भावना कुँअर, ऑस्ट्रेलिया


दिलों में वलवले उठते हैं अब भी,
‘मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ’।
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क 


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इस कार्यक्रम का यू-ट्यूब वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करिये:


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संपादक

~ कौसर भुट्टो, दुबई


 


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