एक शे'र अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित 324 वाँ साप्ताहिक ब्लॉग ।
आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:
647वाँ मिसरा: 'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा' ।
~ अल्लामा इक़बाल
648 वाँ मिसरा: 'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~ जहाँगीर नायाब
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जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;
647 वें मिसरे: 'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
चमन में खुश्बू लुटा के फूलों पे मुस्कुराता फिरा है कोई
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा' ।
~अकबर शाद उदयपुरी, भारत
दिवाना आशिक़ सुलगते दिल का धुआँ उड़ाता फिरे है हर सू
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिलजलों में शुमार होगा'l
~डाॅ. आदेश त्यागी, भारत
ये रोज़ टँकी से कूदने की मुझे ही धमकी जो दे रहा है
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा' ।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
पलट पलट कर वो देखे मुझको जुदाई का ग़म नज़र में भर के
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा' ।
~प्रेम बिहारी मिश्रा, भारत
जो मेरे दिल को जला रहा है नज़र से खंजर चला रहा है
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिलजलों में शुमार होगा' ।
~अनिमेष शर्मा भारत
बता रहा है ज़माने भर को वो इश्क़े नाकाम की कहानी,
'ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा' ।
~खुर्रम नूर, भारत
लहू से तस्वीर-ए-ग़म बनाकर दिखा रहा है वो जो सभी को
‘ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा’।
~डॉ० भावना कुँअर, ऑस्ट्रेलिया
गली गली में सुना रहा है वो दास्तान-ए-जुदाई अपनी,
‘ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा’।
~कौसर भुट्टो, दुबई
झुकाया ता’अत में सर जहॉं भी दिखा है नक़्श-ए-पा दिलरुबा का,
‘ये जानता है कि इस दिखावे से दिल-जलों में शुमार होगा’।
*ता’अत=उपासना, इबादत, बंदगी
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क
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648 वें मिसरे: 'मगर अन्दर से मैं टूटा हुआ हूँ'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
मैं यकजा और कामिल हूँ ब-ज़ाहिर
'मगर अन्दर से मैं टूटा हुआ हूँ'।
`डा आदेश त्यागी, भारत
बज़ाहिर है बदन मेरा सलामत
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~सज्जाद अख्तर, भारत
सभी को जोड़ के रक्खा है ख़ुद से
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत
भले होठों पे मेरे कहकहे हैं,
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत
मानता हूँ नियम जीने के सारे
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ ' । 1 l
~रेनू हुसैन, भारत
मुसाफह कर रही हूँ सबसे हँस कर,
'मगर अंदर से मैं टूटी हुई हूं' । 2 l
~रेनू हुसैन, भारत
दिखेगी हर घड़ी मुस्कान रुख पर,
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~अनिमेष शर्मा भारत
कवच पहना हुआ है कर्ण जैसे
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
हैं मेरे बाहरी तेवर तो साबुत,
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ ' ।
~खुर्रम नूर, भारत
अलग ये बात, धड़कन है अभी भी
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' ।
~मनोज 'अबोध', भारत
मेरी ज़िंदादिली के सब हैं क़ाइल
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' । 1 l
~लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
हमेशा फेंकता हूं ऊंची ऊंची
'मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ' । 2 l
~लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत
भले पत्थर की दिखती हूँ शिला सी
‘मगर अंदर से मैं टूटी हुई हूँ’।
~डॉ० भावना कुँअर, ऑस्ट्रेलिया
दिलों में वलवले उठते हैं अब भी,
‘मगर अंदर से मैं टूटा हुआ हूँ’।
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क
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इस कार्यक्रम का यू-ट्यूब वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करिये:
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संपादक
~ कौसर भुट्टो, दुबई
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