एक शे'र अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित 328 वाँ सप्ताह गिरह-नामा।
आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:
655 वाँ मिसरा: ''हम ने हर उस शख्स से पूछा जिस के नैन नशीले' l
~ गुलाम मोहम्मद कासिर
656 वाँ मिसरा: ''हम ने बार हा ढूँढा तुम ने बार हा पाया'।
~ मिर्ज़ा ग़ालिब
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जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;
655 वें मिसरे: 'हम ने हर उस शख्स से पूछा जिस के नैन नशीले'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
उसकी आँखों में झाँका या मदिरा पी के आए हो
'हम ने हर उस शख़्स से पूछा जिस के नैन नशीले थे'l
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
कैसा जादू, कैसा जलवा आँखों से तुम करते हो,
'हम ने हर उस शख़्स से पूछा जिस के नैन नशीले थे' l
~अकबर शाद 'उदयपुरी' भारत
राज़ तुम्हारी आँखों का हम जान न पाए आज तलक,
'हम ने हर उस शख़्स से पूछा जिस के नैन नशीले थे'।
~अकबर शाद 'उदयपुरी' भारत
ठेके बन्द कराने का ठेका ले कर निकले हो क्या?
'हम ने हर उस शख़्स से पूछा, जिस के नैन नशीले थे'l
~डाॅ. आदेश त्यागी, भारत
हमको सच सच बतलाओ क्या उसको देखकर आये हो
'हम ने हर उस शख़्स से पूछा जिस के नैन नशीले थे'l
~सज्जाद अख्तर, भारत
अपनी सुध बुध खोकर लौटे हो क्या उस मदिरालय से,
'हम ने हर उस शख़्स से पूछा जिसके नैन नशीले थे'।
~अनमोल प्रकाश शुक्ला, भारत
इश्क़ का जादू मेरे सर चढ़ कर क्यूं बोल नहीं पाया
'हम ने हर उस शख़्स से पूछा जिसके नैन नशीले थे'।
~ममता 'किरण', भारत
उस का नाम पता मिल जाए इतना ही तो शौक रहा
'हम ने हर उस शख़्स से पूछा जिसके नैन नशीले थे'।
~रेनू हुसैन, भारत
देख के तेरी आँखों में क्या कोई कभी मदहोश हुआ?
'हमने हर उस शख़्स से पूछा जिसके नैन नशीले थे'।
~मंजुल मिश्र 'मंज़र लखनवी, भारत
हर उस मोड पे रुक कर देखा जिस पर उसकी खुशबू थी
'हम ने हर उस शख्स से पूछा जिस के नैन नशीले थे' l
~रविकांत, भारत
शाम ढले जब प्यास बढ़ी तो मयख़ाने के बारे में,
'हमने हर उस शख़्स से पूछा जिसके नैन नशीले थे'।
~खुर्रम नूर, भारत
बेक़ाबू हो किसका जल्वा सर पे हमारे बोल रहा,
‘हम ने हर उस शख़्स से पूछा जिस के नैन नशीले थे'।
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क
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656 वें मिसरे: 'हम ने बार हा ढूँढा तुम ने बार हा पाया'
पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:
दो दिलों के आँगन में, प्रेम के परिदों को
'हम ने बार-हा ढूँडा, तुम ने बार-हा पाया' l
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया
हम रहे सवालों में, तुम रहे जवाबों में,
'हम ने बार-हा ढूँढा, तुम ने बार-हा पाया'।
~अकबर शाद उदयपुरी, भारत
जो वफ़ा निभा पाये, साथ ऐसे साथी का
'हम ने बारहा ढूँढा, तुम ने बारहा पाया' l
~सज्जाद अख्तर, भारत
बुलहवस ज़माने में दिल से चाहने वाला
'हम ने बारहा ढूँढा, तुम ने बारहा पाया'l
(बुलहवस = वासनायुक्त )
~डाॅ. आदेश त्यागी, भारत
खेल ये नसीबों ने इस तरह से खेला कुछ,
‘हम ने बार-हा ढूँढा तुम ने बार-हा पाया’।
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क
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संपादक
~ कौसर भुट्टो, दुबई
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