गुरुवार, 30 जुलाई 2026

331 वाँ सप्ताह एक शे’र गिरह-नामा: 25 जुलाई , 2026

331 वाँ सप्ताह एक शे’र गिरह-नामा: 25 जुलाई , 2026

एक‌ शे'र‌ अर्ज़ किया है’ मंच के साप्ताहिक 2 तरही मिसरों पर आधारित 331 वाँ साप्ताहिक गिरह-नामा।

 आज का मुशायरा इन दो मिसरों पर आधारित था:

661 वाँ मिसरा: 'हम आज तक वो चोट हैं दिल पर लिए हुए'।

~ 'असगर' गोंडवी


 662 वाँ मिसरा: 'यूँ सताने की तो आदत मिरे घनश्याम की थी'। 

~ परवीन शाकिर
                                 *****^*****

 जायज़ा लीजिए अलग अलग ज़ावियों से इन मिसरों पर लगाई हुई गिरह का;

 661 वें मिसरे: 'हम आज तक वो चोट हैं दिल पर लिए हुए'

पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:


जिसका हुआ था उनको कभी इल्म तक नहीं
‘हम आज तक वो चोट हैं दिल पर लिए हुए’।
~ प्रज्ञा त्रिवेदी , भारत


कड़वे तुम्हारे बोलों ने दिल छलनी जो किया 
‘हम आज तक वो चोट हैं दिल पर लिए हुए’।
~लक्ष्मी शंकर बाजपेई, भारत


मारी जो तू ने तान के ता'नों के तीर से 
'हम आज तक वो चोट हैं दिल पर लिये हुए'।
~डाॅ. आदेश त्यागी, भारत


थामा था हाथ ग़ैर का जब मेरे सामने 
‘हम आज तक वो चोट हैं दिल पर लिए हुए’।
~मनोज 'अबोध', भारत


उल्फ़त से दूर तुम तो गए कारोबार में,
‘हम आज तक वो चोट हैं दिल पर लिए हुए’।
~ अशोक सिंह, न्यूयॉर्क 


*✨*☀️**✨**


 662 वें मिसरे: 'यूँ सताने की तो आदत मिरे घनश्याम की थी'

 पर 'एक शे'र अर्ज़ किया है' के शायरों की लगाई गईं गिरह:


किसने माखन ये उड़ेला है मेरी मटकी से 
‘यूँ सताने की तो आदत मिरे घनश्याम की थी’।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया


छेड़ के मुरली मुझे किसने किया है बेसुध 
‘यूँ सताने की तो आदत मिरे घनश्याम की थी’।
~ दिगंबर नासवा, मलेशिया


कंकरी मार के छुप जाना कहाँ से सीखा!
‘यूँ सताने की तो आदत मिरे घनश्याम की थी’।
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत


ले उधारी हो गए हो जो रफू चक्कर तुम 
‘यूँ सताने की तो आदत मिरे घनश्याम की थी’।
~प्रज्ञा त्रिवेदी ,भारत


आज ये किसने खिजाया, कहा टी ली ली झर 
‘यूँ सताने की तो आदत मिरे घनश्याम की थी’।
~डाॅ. आदेश त्यागी, भारत


रू-ब-रू आना कभी हँसना कभी छिप जाना 
‘यूँ सताने की तो आदत मिरे घनश्याम की थी’।
~रेनू हुसैन, भारत


तुमने वादा था किया फिर भी नहीं आये तुम 
‘यूँ सताने की तो आदत मिरे घनश्याम की थी’।
~ममता किरण, भारत


तट से जमुना जी के ले कौन गया वस्त्र मेरे, 
‘यूँ सताने की तो आदत मिरे घनश्याम की थी’।
~ अशोक सिंह , न्यू यॉर्क 


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इस कार्यक्रम का यू-ट्यूब वीडियो देखने के लिए यहाँ क्लिक करिये:


©️सर्वाधिकार सुरक्षित। इस पोस्ट में साझा किए गए सभी गिरह के शे'र 'एक शे'र अर्ज़ किया है' पटल पर शामिल शायरों के हैं। इनमें से कोई भी शे'र शायर की लिखित पूर्व सहमति के बग़ैर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

संपादक

~ कौसर भुट्टो, दुबई


 


1 टिप्पणी:

  1. अच्छा आइडिया है सभी गिरह के अशआर सृजनात्मक का कौशल उकेर रहे हैं

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